2025 में अपने शहर के बेस्ट इंटीरियर डिजाइनर खोजने का काम ऐसा नहीं है कि आप बिना चश्मा लगाए जादू की गेंद देखकर कर लें! पहले उनकी विशेषज्ञता, अनुभव और स्टाइल देखें, जो आपके घर या ऑफिस की ज़रूरतों से मेल खाता हो। बजट और टाइमिंग भी समझो, वरना डर है डिज़ाइनर तुम्हें गलत रंग में रंग दे! मुंबई से लेकर दिल्ली तक कई बड़े नाम हैं जैसे Talati and Partners या Gauri Khan Designs, पर हां सोशल मीडिया और क्लाइंट रिव्यू जरूर पढ़ना। और जब दिल चाहता है कुछ अलग सलाह का तो DISQAS.com पर वीडियो कॉल लगाओ, जहां विशेषज्ञ आराम से बैठकर आपकी हर दिक्कत सुनेंगे। अपनाओ थोड़ा डिजिटल तरीका, और बन जाओ ट्रेंडी इंटीरियर गुरु!
Table of Contents
- 2025 में बेस्ट इंटीरियर डिजाइनर चुनने के जरूरी टिप्स
- भारत के टॉप 15 इंटीरियर डिजाइन कंपनियों की झलक
- अपने शहर के बेस्ट डिजाइनर खोजने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन तरीके
- डिजाइनर के पोर्टफोलियो और क्लाइंट रिव्यू कैसे जांचें
- बजट, समय सीमा और डिजाइनर की उपलब्धता का ध्यान रखें
- स्थानीय एजेंसियों और फ्रीलांस डिजाइनरों की तुलना कैसे करें
- वास्तु और सस्टेनेबिलिटी को ध्यान में रखने वाले डिजाइनर
- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों
2025 में बेस्ट इंटीरियर डिजाइनर चुनने के जरूरी टिप्स

सबसे पहले तो ये समझ लीजिए कि डिज़ाइनर कोई जादूगर नहीं, इसलिए उनकी विशेषज्ञता और अनुभव जरूर जांचें, चाहे वो पुराने जमाने के मैग्नेट हों या नए जमाने के क्रिएटर। वैसे, अगर वो आपकी पसंद की स्टाइल से मैच नहीं खाते, तो आपका घर किसी और का लगेगा, और फिर आप खुद भी भूल जाएंगे कि ये आपका घर है या किसी म्यूजियम की दीवार। बजट और समय सीमा को लेकर साफ-साफ बात करें, वरना डिज़ाइनर आपको ‘अभी तो मैं व्यस्त हूँ’ कहकर छोड़ सकता है, जो कि बिलकुल वैसा ही है जैसे आपकी पसंदीदा दुकान पर सामान खत्म हो जाना। स्थानीय एजेंसियों और फ्रीलांस डिजाइनरों की तुलना जरूर करें, कहीं ऐसा न हो कि आपने हीरो की जगह विलेन चुन लिया हो। सोशल मीडिया, वेबसाइट और क्लाइंट रिव्यू पढ़ना उतना जरूरी है जितना चाय में शक्कर डालना, वरना मीठा चाय नहीं मिलेगी। उनके पुराने प्रोजेक्ट्स देखिए, ताकि पता चले कि वे आपका घर सजाएंगे या किसी आर्ट गैलरी। वास्तु शास्त्र और पर्यावरण की चिंता करने वाले डिजाइनर चुनें, ताकि आपके घर में खुशहाली के साथ-साथ हरियाली भी बनी रहे, वरना घर तो होगा पर मन उदास रहेगा। डील पक्की करने से पहले साफ-साफ कॉन्ट्रैक्ट लें, नहीं तो बाद में ‘मैंने तो ऐसा कहा ही नहीं’ वाला ड्रामा शुरू हो जाएगा। और हां, उनके पोर्टफोलियो में विविधता होनी चाहिए, ताकि आपको लगे कि ये डिज़ाइनर हर मूड को समझता है, वरना हर कमरा एक जैसा दिखेगा, और मज़ा कहाँ आएगा? अंत में, अपने दिल की सुनिए, क्योंकि घर तो आपका है और डिज़ाइनर से सही तालमेल होना उतना ही ज़रूरी है जितना कि शादी में दूल्हा-दुल्हन का। चलिए, अब इस कड़ी मेहनत से सही डिज़ाइनर पाने की राह आसान हो जाएगी!
- डिज़ाइनर की विशेषज्ञता और अनुभव पर ध्यान दें, भले ही वो पुराने जमाने के मैग्नेट हों या नए जमाने के क्रिएटर।
- उनकी डिज़ाइन स्टाइल आपके स्वाद और ज़रूरतों के हिसाब से मेल खानी चाहिए, वरना आपका घर लगेगा किसी और का।
- बजट, समय सीमा और उनकी उपलब्धता पहले से क्लियर कर लें, वरना डिज़ाइनर आपको ‘अभी तो मैं व्यस्त हूँ’ कहकर छोड़ सकता है।
- स्थानीय एजेंसियों और फ्रीलांस डिजाइनरों की तुलना करें, दोनों में से कौन है आपका असली हीरो।
- सोशल मीडिया, वेबसाइट और क्लाइंट रिव्यू पढ़ना उतना जरूरी है जितना कि चाय में शक्कर।
- डिज़ाइनर के पिछले प्रोजेक्ट्स देखिये, ताकि आपको पता चले कि वे आपका घर सजाएंगे या किसी आर्ट गैलरी।
- वास्तु शास्त्र और पर्यावरण की चिंता करने वाले डिज़ाइनर चुनें, ताकि घर में खुशहाली और हरियाली दोनों बनी रहें।
- डिज़ाइनर से मिलने के बाद साफ-साफ कॉन्ट्रैक्ट लें, वरना बाद में ‘मैंने तो ऐसा कहा ही नहीं’ वाला ड्रामा होगा।
- उनके पोर्टफोलियो में विविधता होनी चाहिए, ताकि आपको लगे कि ये डिज़ाइनर हर मूड को समझता है।
- अपने दिल की सुनें, क्योंकि आखिरकार आपका घर है, और डिज़ाइनर से सही तालमेल जरूरी है।
भारत के टॉप 15 इंटीरियर डिजाइन कंपनियों की झलक
अगर आप 2025 में अपने घर को ऐसा सजाना चाहते हैं कि पड़ोसी भी आपकी तारीफ करते रह जाएं, तो भारत के ये टॉप 15 इंटीरियर डिजाइनर आपकी मदद के लिए तैयार हैं। मुंबई की Talati and Partners की बात करें तो ये लोग लक्जरी और क्लासिकल-मॉडर्न डिज़ाइन में ऐसा कमाल करते हैं कि ग्राहक दंग रह जाते हैं, जैसे घर में शाही महल हो। वहीं The Orange Lane, मुंबई की वो कंपनी है जो रंगों से खेलती है और हर प्रोजेक्ट में इतनी पर्सनालिटी भर देती है कि आपका घर खुद बोलने लगे। Industrial और मॉडर्न डिज़ाइन में The Charcoal Project का जवाब नहीं, उनके डिज़ाइनों में ऐसा लगना कि फैक्ट्री में भी घर जैसा आराम हो। दिल्ली की K2 India भारतीय सांस्कृतिक तत्त्वों को क्लासिक हेरिटेज के साथ मिलाकर डिज़ाइन करती है, जिससे आपका घर एकदम देशी लेकिन स्टाइलिश दिखे। Gauri Khan Designs की बात करें तो ये ग्लैमरस और हाई-एंड सेलेब्रिटी स्टाइल वाले घर बनाने में माहिर हैं, मतलब आपका घर भी स्टार की तरह चमकेगा। Essajees Atelier लक्जरी मिनिमलिस्ट स्टाइल के साथ आर्टिस्टिक टच देती है, जो देखने में सादगी में भी भव्यता लाता है। फिर reD Architects हैं, जो रिसर्च-आधारित, स्पेस इफिशिएंट डिज़ाइन करते हैं, मतलब आपके घर का हर कोना स्मार्ट बने। Quirk Studio की क्रिएटिविटी इतनी मज़ेदार है कि आपकी हंसी छूट जाएगी और सोचने पर मजबूर करेगी, बिल्कुल पर्सनल और प्लेफुल। Rooshad Shroff आर्टिसनरी और कस्टम डिज़ाइन में जादू चलाते हैं, जिससे आपका घर बिल्कुल यूनिक बने। दिल्ली की Lipika Sud Interiors लक्जरी और सस्टेनेबल डिज़ाइन का जबरदस्त मिश्रण पेश करती है। Vir Mueller Architects समकालीन, मिनिमलिस्ट और नेचुरल लाइट का कमाल करते हैं, जो आपके घर को खुला और फ्रेश महसूस कराता है। कोलकाता की Spaces and Design सांस्कृतिक और ग्लोबल एलिगेंस को इस तरह मिलाती है कि आपका घर हर जगह चलने वाला फैशन स्टेटमेंट बन जाए। मुंबई की Studio Lotus पारंपरिक शिल्प और आधुनिक फ़ंक्शन को जोड़ती है, जिससे घर में गर्माहट भी हो और सुविधा भी। Morphogenesis दिल्ली की कंपनी पर्यावरण के प्रति सजग है, मतलब आपका घर न सिर्फ सुंदर बल्कि धरती के लिए भी दोस्ताना होगा। आखिरी में MuseLAB का नाम आता है, जो इनोवेटिव, कलात्मक और बोल्ड डिज़ाइन करता है, आपकी सोच से एकदम आगे। तो, चाहे आप रंगों की दुनिया में खोना चाहते हों या मिनिमलिस्ट लक्जरी में जीना, भारत के ये डिजाइनर आपके सपनों को हकीकत में बदलने को तैयार हैं।
| कंपनी का नाम | शहर | डिज़ाइन स्टाइल का जोर | मज़ेदार ट्विस्ट |
|---|---|---|---|
| Talati and Partners | Mumbai | लक्जरी + क्लासिकल-मॉडर्न | ग्राहक दंग रह जायेंगे – सीधा हिट! |
| The Orange Lane | Mumbai | रंगीन, मज़ेदार, पर्सनालिटी से भरा | हर प्रोजेक्ट में नया फुलका! |
| The Charcoal Project | Mumbai | इंडस्ट्रियल + मॉडर्न | घर नहीं, फैक्ट्री जैसा लगेगा! |
| K2 India | New Delhi | भारतीय सांस्कृतिक + क्लासिक हेरिटेज | हर कोना देसी ज़ायका! |
| Gauri Khan Designs | Mumbai | ग्लैमरस + हाई-एंड | सेलेब्रिटी फील, घर में बॉलीवुड! |
| Essajees Atelier | Mumbai | लक्जरी मिनिमलिस्ट + आर्टिस्टिक टच | कम चीज़ें, ज़्यादा स्टाइल! |
| reD Architects | Mumbai | आधुनिक + स्पेस इफिशिएंट | रिसर्च वाली सूझ! |
| Quirk Studio | Mumbai | क्रिएटिव + प्लेफुल | सोचो तो हंसो, हंसो तो सोचो! |
| Rooshad Shroff | Mumbai | आर्टिसनरी + कस्टम डिज़ाइन | डिज़ाइन का जादूगर! |
| Lipika Sud Interiors Pvt. Ltd. | New Delhi | लक्जरी + सस्टेनेबल | परफेक्ट मैच! |
| Vir Mueller Architects | New Delhi | समकालीन + मिनिमलिस्ट + नेचुरल लाइट | खिड़कियां भी खुश हो जाएँगी! |
| Spaces and Design | Kolkata | सांस्कृतिक + ग्लोबल एलिगेंस | एकदम दुनिया वाली चमक! |
| Studio Lotus | Mumbai | पारंपरिक + मॉडर्न फ़ंक्शन | पुराना और नया का जोरदार संगम! |
| Morphogenesis | Delhi | सस्टेनेबल आर्किटेक्चर | धरती माँ के लिए बेहतरीन! |
| MuseLAB | Mumbai | इनोवेटिव + कलात्मक + बोल्ड | सोच से भी आगे का डिलीवर! |
अपने शहर के बेस्ट डिजाइनर खोजने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन तरीके

अपने शहर के बेस्ट इंटीरियर डिजाइनर ढूंढना ऐसा ही है जैसे शादी के लिए पार्टनर चुनना: थोड़ा मेहनत, थोड़ा रिसर्च और थोड़ी किस्मत! सबसे पहले ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जैसे Houzz, Urban Company और Instagram पर डिज़ाइनर के प्रोफाइल जरूर चेक करें। वहां आपको उनके काम की झलक, रिव्यू और स्टाइल मिल जाएगी, जिससे आप समझ पाएंगे कि कौन आपके टाइप का है। फिर, अगर आप असली नज़र से देखना चाहते हैं तो स्थानीय डिज़ाइन इवेंट्स और एक्सपो जैसे iDAC Expo 2025 Delhi में जरूर जाएं। वहां डायरेक्ट डिज़ाइनर से बात करने का मौका मिलता है, और आप उनकी प्रतिभा का असली स्वाद ले सकते हैं। दोस्तों, परिवार और सोशल नेटवर्क से रेफ़रल लेना भी एक चतुर तरीका है क्योंकि अच्छा डिज़ाइनर मिलना उतना ही मुश्किल है जितना बिना झिझक के अपनी पसंद बताना। मिलने के बाद उनके पोर्टफोलियो और क्लाइंट रिव्यूज ध्यान से पढ़ें, अच्छे-बुरे दोनों फीडबैक को समझदारी से लें ताकि कोई बाद में ‘ये क्या किया?’ वाली स्थिति न बने। याद रखें, एक स्पष्ट कॉन्ट्रैक्ट लेना मत भूलिए जिसमें बजट, समय सीमा और डिलीवरी की शर्तें साफ़ लिखी हों, वरना बाद में डिज़ाइनर से बहस का मजा ही अलग होगा! पुराने प्रोजेक्ट्स का विजिट करें, ताकि उनके काम की क्वालिटी का अंदाजा हो सके। लोकल डिजाइन फर्मों और फ्रीलांसर्स की तुलना भी करें, क्योंकि कभी-कभी छोटे फ्रीलांसर बड़े बजट से कम काम कर सकते हैं, और आपका पैसा भी बच सकता है। डिज़ाइनर की उपलब्धता पर भी ध्यान दें, क्योंकि देरी से तो बजट बिगड़ना तय है, और आपका सपना ‘टूटा हुआ घर’ बन सकता है। बात करते वक्त अपने आइडिया और पसंद के बारे में बिल्कुल साफ-साफ बताएं, झिझकना नहीं, क्योंकि डिजाइनर आपके मन की बातें समझेंगे तभी तो घर खूबसूरत बनेगा, वरना Pinterest पर लाइक बटोरने वाला डिज़ाइन देखकर रह जाएंगे!
डिजाइनर के पोर्टफोलियो और क्लाइंट रिव्यू कैसे जांचें
जब आप 2025 में अपने शहर के बेस्ट इंटीरियर डिजाइनर की तलाश में हों, तो उनके पोर्टफोलियो को ऐसे देखें जैसे आप Netflix पर कोई नई वेब सीरीज चुन रहे हों, ध्यान से, क्योंकि हर डिटेल मायने रखती है! सबसे पहले, प्रोजेक्ट्स की विविधता पर गौर करें। अगर सब कुछ एक जैसा दिखे, तो समझिए क्रिएटिविटी कहीं छुट्टी पर है। क्वालिटी और फिनिशिंग पर भी ध्यान दें, क्योंकि ये वही चीज़ें हैं जो आपके दोस्तों के सामने शान से कहने लायक होंगी कि “देखो, ये मेरा डिज़ाइनर था।” क्लाइंट रिव्यूज़ पढ़ना मत भूलिए, खासकर वो जो डिजाइनर के प्रोफेशनलिज्म और डेडलाइन पर बात करते हैं, क्योंकि देर से आने वाले डिजाइनर से बेहतर तो टाइम पर काम करने वाला चायवाला होता है! सोशल मीडिया पर भी उनकी फीडबैक और कमेंट्स पर नजर डालें, वहां की असली बातें छुपी होती हैं। प्रोजेक्ट्स के फोटोज़ और वीडियो देखकर आप डिज़ाइनर के असली हुनर का अंदाज़ा लगा सकते हैं, जैसे रियलिटी शो में जजेस की कड़ी नज़र। अगर मौका मिले तो पुराने क्लाइंट्स से सीधे बात करें, क्योंकि उनकी राय से आपको डिजाइनर की असली कहानी पता चलेगी। पोर्टफोलियो में वास्तु और सस्टेनेबिलिटी का ध्यान रखा गया है या नहीं, ये भी देखना जरूरी है, क्योंकि आजकल तो घर भी पर्यावरण के साथ दोस्ती निभाता है। और हाँ, आपका पसंदीदा स्टाइल भी डिजाइनर के काम में दिखना चाहिए, वरना आपका नया लिविंग रूम देखकर तो आप खुद भी घबराएंगे! अगर रिव्यूज में कोई बार-बार शिकायत नजर आए, तो सावधान हो जाएं, कहीं ऐसा न हो कि आपका डिज़ाइनर भी ‘जल्दी-जल्दी काम करके भागो’ वाली श्रेणी में आ जाए। अंत में, पोर्टफोलियो देखने के बाद अपने सवालों की लिस्ट बनाएं और उन्हें पूछने से न घबराएं, क्योंकि सवाल पूछना आपकी समझदारी की निशानी है, न कि उनकी कमजोरी की!
बजट, समय सीमा और डिजाइनर की उपलब्धता का ध्यान रखें

सबसे पहले तो अपने बजट को समझो, वरना डिज़ाइनर के सामने जाकर ऐसा न कहना पड़े कि ‘मुझे तो बस थोड़े से पैसे चाहिए थे!’ बजट साफ़-साफ़ बताएं ताकि बाद में कोई ड्रामा न हो। याद रखें, फर्नीचर और सामग्री का खर्च भी बजट में जोड़ना है, सिर्फ डिज़ाइन फीस सोचकर मत बैठो। थोड़ा सा मार्जिन भी रखें अप्रत्याशित खर्चों के लिए, क्योंकि कभी-कभार डिज़ाइन में मामूली बदलाव आपकी जेब पर बड़ा असर डाल सकते हैं। समय सीमा तय करना भी उतना ही ज़रूरी है, और इसे लिखित रूप में कॉन्ट्रैक्ट में शामिल कर लेना चाहिए, ताकि बाद में ‘मैं कल से शुरू कर दूंगा’ जैसी बातें न सुननी पड़ें। डिज़ाइनर की उपलब्धता की भी जांच-पड़ताल कर लें; अगर वो पाँच प्रोजेक्ट्स में उलझा हो तो आपके घर का काम महीनों अटका रह सकता है। समय पर भुगतान के नियम पहले से पक्का कर लें, ताकि किसी को भी पैसे के लिए ‘नाच नाच के नाचना’ न पड़े। काम की प्रगति के लिए नियमित अपडेट मांगते रहें, ताकि पता चलता रहे कि डिज़ाइनर ने अभी तक क्या किया और क्या बाकी है। अगर कभी समय सीमा में बदलाव करना पड़े तो तुरंत संवाद करें, ‘चुप रहो नहीं तो घर का कोना-कोना गड़बड़ हो जाएगा’ जैसी स्थिति न आए। और हाँ, अपनी प्राथमिकताएं साफ़ बताएं, वरना डिज़ाइनर अपनी मर्ज़ी से आपके सपनों को ‘क्रिएटिव’ नाम देकर उलझा सकता है। इन सब बातों का ध्यान रखेंगे तो 2025 में आपका इंटीरियर प्रोजेक्ट भी टाइम पर, बजट में और मनचाहा बनेगा।
स्थानीय एजेंसियों और फ्रीलांस डिजाइनरों की तुलना कैसे करें
जब आप 2025 में अपने शहर के बेस्ट इंटीरियर डिजाइनर की तलाश कर रहे हों, तो स्थानीय एजेंसियों और फ्रीलांस डिजाइनरों के बीच चयन करना थोड़ा ऐसा है जैसे आप दो अलग-अलग स्वाद के आइसक्रीम में से चुन रहे हों। एजेंसियां बड़े-बड़े संसाधनों और टीम सपोर्ट के साथ आती हैं, मतलब कमाल के सोफे से लेकर चमचमाते लाइट फिक्स्चर तक सब कुछ एक ही छत के नीचे! वहीं, फ्रीलांसर आपको ज्यादा व्यक्तिगत ध्यान देते हैं, जैसे आपका अपना पर्सनल डिजाइन गुरु। बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए एजेंसियां बेहतर होती हैं क्योंकि उनके पास अनुभव और प्रोसेसिंग टाइम होता है, हालांकि कभी-कभी ये प्रोसेसिंग टाइम थोड़ा लंबा हो सकता है, जैसे ऑफिस में कॉफी ब्रेक ज्यादा हो! फ्रीलांसर छोटे और कस्टम प्रोजेक्ट्स में माहिर होते हैं और जल्दी काम भी कर देते हैं, मतलब अगर आपके पास टाइट टाइमलाइन है तो ये बेस्ट ऑप्शन हो सकता है। कीमत की बात करें तो फ्रीलांसर अक्सर कम फीस लेते हैं, जिससे बजट पर कम दबाव पड़ता है, लेकिन कस्टमर सपोर्ट और बाद की सेवाओं का स्तर एजेंसियों से थोड़ा कम हो सकता है। इसलिए, पोर्टफोलियो और क्लाइंट रिव्यू दोनों को ध्यान से देखें ताकि आपको पता चले कि डिज़ाइनर की स्टाइल आपके स्वाद से कितनी मेल खाती है। ध्यान रखें कि स्थानीय एजेंसियों के पास वॉर्डरशिप या शो रूम भी हो सकता है, जिससे आप फिजिकली डिज़ाइन आइडियाज देख सकते हैं, जबकि फ्रीलांसर के पास ऐसा विकल्प कम ही मिलता है। आखिरी में, दोनों से बात करें, उनकी पेशकश समझें और फिर फैसला लें, ताकि आपके घर का इंटीरियर ऐसा बने कि पड़ोसी भी पूछें, “अरे वाह, ये डिज़ाइनर कौन है?”
वास्तु और सस्टेनेबिलिटी को ध्यान में रखने वाले डिजाइनर
जब बात आती है घर या ऑफिस की सजावट की, तो सिर्फ दिखावा करने वाले डिजाइनर से तो बचिए! 2025 में ऐसे इंटीरियर डिजाइनर खोजिए जो वास्तु के नियमों के साथ-साथ सस्टेनेबिलिटी को भी उतना ही प्यार करते हों जितना आप अपने चाय के कप से करते हैं। वास्तु के अनुसार, घर के मुख्य द्वार, किचन और लिविंग स्पेस की सही प्लानिंग से न केवल शुभता बढ़ती है बल्कि ऊर्जा का सही प्रवाह भी होता है। अब सस्टेनेबल डिज़ाइन की बात करें तो, पर्यावरण के अनुकूल सामग्री जैसे रिसायकल्ड और लोकल मटेरियल का इस्तेमाल करना ऐसा है जैसे आप अपने घर को Mother Earth का VIP लाउंज बना रहे हों। प्राकृतिक प्रकाश और वेंटिलेशन का ध्यान रखने वाले डिजाइनर आपको बिजली के बिल से बचाने के साथ-साथ घर में ताजी हवा का भी गिफ्ट देते हैं, जिससे आप हर दिन अपने घर में सांस लेते हुए खुद को स्पा में महसूस करेंगे। इसके अलावा, हरित पौधों और इको-फ्रेंडली डेकोर आइटम्स की सजावट से आपका घर न केवल हरा-भरा दिखेगा, बल्कि आपके मन को भी शांति मिलेगी। ऐसे डिजाइनर चुनिए जो वास्तु के दोष निवारण के लिए सरल और कारगर उपाय सुझाते हों, ताकि आपको बार-बार वास्तु से जुड़ी टेंशन में ना पड़ना पड़े। कुल मिलाकर, अच्छे वास्तु और सस्टेनेबल डिज़ाइनर आपको न सिर्फ पर्यावरण की चिंता से मुक्त करेंगे, बल्कि आपके घर को ऐसा बनाएंगे कि आपका हर दिन एक नई ऊर्जा और खुशी के साथ शुरू हो! तो 2025 में ऐसे डिजाइनर की तलाश में थोड़ा दिमाग लगाइए, क्योंकि ये दोनों पहलुओं का मेल आपके घर को स्वर्ग बना सकता है, और आपके बजट को भी खुश रख सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों
1. क्या हर शहर में ऐसे इंटीरियर डिजाइनर होते हैं जो आपके खास स्वैग को समझ सकें?
बिलकुल, हर शहर में कुछ ऐसे हीरे छुपे होते हैं जो आपके घर को कंगन की तरह चमका सकते हैं। बस थोड़ा ढूंढना पड़ता है और उनकी प्रोफाइल पढ़नी पड़ती है ताकि आपका स्वैग सही सलामत आपके घर तक पहुंचे!
2. इंटीरियर डिजाइनर की स्टाइल और ट्रेंड्स को कैसे समझा जाए ताकि घर दिखे ज़ोरदार?
डिजाइनर के पोर्टफोलियो में झांकना, उनके सोशल मीडिया पर उनकी अदा देखना और क्लाइंट्स की बातें सुनना ही उनकी असली स्टाइल जानने का सुपर फॉर्मूला है। इससे पता चलता है क्या वो आपकी पसंद-नापसंद और घर की कहानी को समझते हैं या बस रंगों से खेल रहे हैं।
3. क्या इंटीरियर डिजाइनर हमारे सपनों को सच करने में किरकिरा हो सकते हैं या चुटकियों में काम हो जाता है?
सपनों को सच करना थोड़ा जादू जैसा होता है, जिसमें थोड़ा बजट, थोड़ा टैलेंट और थोड़ा धैर्य चाहिए। अगर आपका डिजाइनर सही पकवान बनाता है तो चुटकियों में घर नयी जान ले सकता है, वरना थोड़ा किरकिरापन भी हो सकता है जो हंसी-ठहाकों के साथ सुलझ सकता है।
4. क्या लोकल डिजाइनर से काम करवाना बेस्ट होता है या बड़े शहरों के फेमस डिजाइनर से?
लोकल डिजाइनर की बात ही अलग है, वो आपकी गलियों, मौसम और खानपान के झमेले तक जानते हैं। फेमस डिजाइनर बड़े नाम के साथ आते हैं, पर लोकल वाले आपकी भाषा और बंगा ससुर से ज्यादा जुड़ाव रखते हैं। इसलिए आलम ये है कि लोकल डिजाइनर में भी कमाल छुपा होता है!
5. इंटीरियर डिजाइनर से बात करते वक्त क्या सवाल पूछें ताकि आपका घर ट्रेंड सेट कर सके?
पूछिए उनके नए आइडियाज के बारे में, खासकर जो आपके शहर के मौसम और संस्कृति से मेल रखते हों। साथ ही ये भी जानिए कि वो फर्नीचर, रंग और लाइटिंग में कितने क्रिएटिव हैं। थोड़ी मज़ेदार बातें भी डालिए, ताकि डिजाइनर इस बात से तो परेशान न हो कि आप एलियन से आए हो, और बात बने घर के स्टाइल की!
TL;DR 2025 में अपने शहर के बेस्ट इंटीरियर डिजाइनर खोजने हैं? बस अपनी पसंद, बजट और डिजाइनर की उपलब्धता का ध्यान रखें, वरना आपका ड्रीम होम बनेगा ड्रीमनॉट! ऑनलाइन रिसर्च करें, सोशल मीडिया चेक करें और पोर्टफोलियो की शक्ल देख कर ही डिजाइनर चुनें। भारत की टॉप 15 डिजाइन कंपनियां आपके लिए तैयार हैं, मुंबई से दिल्ली तक हर स्टाइल में! वास्तु और सस्टेनेबिलिटी के दीवाने डिजाइनर भी मिलेंगे, जो आपकी तमाम प्रॉब्लम्स का सॉल्यूशन देंगे, वैसे भी टिकाऊ घर सबका सपना है। साथ ही अगर ज्योतिष, आयुर्वेद या योग का सलाह चाहिए तो DISQAS.com से वीडियो कॉल पर सीधे एक्सपर्ट से बात करें, घर बैठे आराम से और बिना झंझट के। DISQAS पर बुकिंग करे और पहला कॉल 10% डिस्काउंट के साथ लो, क्योंकि अच्छा डिजाइन और सही सलाह दोनों चाहिए, झटपट और झंझट-मुक्त!



