Vastu & Numerology

लिविंग रूम के लिए १५ महत्वपूर्ण वास्तु सुझाव

Table of Contents

  1. 1. लिविंग रूम के मुख्य द्वार की सही दिशा चुनें
  2. 2. प्रवेश द्वार के सामने कोई बाधा न रखें, ऊर्जा का रास्ता साफ़ रखें
  3. 3. बैठने की दिशा ऐसी रखें कि मन हो शांत और ऊर्जा बनी रहे
  4. 4. लिविंग रूम को हमेशा साफ-सुथरा और व्यवस्थित बनाए रखें
  5. 5. प्राकृतिक रोशनी से भरपूर लिविंग रूम बनाएं
  6. 6. फर्नीचर का चयन और सही दिशा में स्थान निर्धारण करें
  7. 7. दीवारों पर हल्के और सुखद रंगों का इस्तेमाल करें
  8. 8. खिड़कियां पूर्व या उत्तर दिशा में रखें और साफ़ रखें
  9. 9. घर के अंदर हरे-भरे पौधे लगाएं, लेकिन कांटेदार पौधे न रखें
  10. 10. टीवी और इलेक्ट्रॉनिक सामान को दक्षिण या पश्चिम दिशा में रखें
  11. 11. प्रेरणादायक और सकारात्मक चित्रों से लिविंग रूम सजाएं
  12. 12. रोजाना झाड़ू-पोंछा कर लिविंग रूम की सफाई पर ध्यान दें
  13. 13. अच्छी और पर्याप्त लाइटिंग से अंधेरे कोनों को दूर करें
  14. 14. मिरर को मुख्य द्वार के सामने न लगाएं, नकारात्मक ऊर्जा से बचें
  15. 15. रोज सुबह धूप दें और अगरबत्ती जलाएं, वातावरण को शुद्ध रखें

अगर लिविंग रूम वास्तु के हिसाब से सेट ना हो तो लगता है जैसे घर में बिजली की कमी हो, ऊर्जा ही गायब! तो पहले ध्यान दें कि मुख्य द्वार उत्तर या पूर्व दिशा में हो, वरना पॉजिटिविटी को अलविदा बोलना पड़ेगा। दरवाजे के सामने झाडू या जूता रखने वाले समझ लें कि आप अपने भाग्य का सपना पूरा कर रहे हैं। फर्नीचर हमेशा ऐसे रखें कि रास्ता न रुके और बैठते वक्त सिर उत्तर या पूर्व की तरफ हो, नहीं तो दिमाग भी उलझन में पड़ जाए। और हां, टीवी दक्षिण दिशा पर रखो ताकि चिल्लाते-चल्लाते दोस्त भी सुकून से देखें। फूल-पौधों को छोड़िए कांटे भरे पौधे मत लगाइए, वरना रिश्ते भी कांटेदार बन सकते हैं! साफ-सफाई और रोशनी का ख्याल रखें क्योंकि अंधियारा देखकर कोई भी खुशी क्यों मनाएगा? मिरर उन जगहों पर लगाएं जहां नकारात्मकता आए तो वही पहुंचे बड़ी तेज़ी से नहीं! रोज सुबह धूप और अगरबत्ती जलाना एकदम जरूरी है, जिससे घर माहौल खुशगवार बने. कुल मिलाकर ये 15 वास्तु टिप्स अपनाएं, फिर देखिए आपका लिविंग रूम कैसे ताजगी-अंदाज़ से भर जाता है और आपकी ऊर्जा चार्ज होने लगती है बिना किसी जिम गए!

1. लिविंग रूम के मुख्य द्वार की सही दिशा चुनें

living room main entrance correct direction vastu

अगर आप सोच रहे हैं कि लिविंग रूम के मुख्य द्वार की दिशा पर ध्यान देना इतना जरूरी क्यों है, तो समझ लीजिए कि यह वो गेटवे है जहां से ऊर्जा आपकी ज़िंदगी में आती है। तो इसे ऐसे चुनिए जैसे आप अपने मेहमानों का भव्य स्वागत करना चाहते हैं, उत्तर, पूर्व या पूर्वोत्तर दिशा में। अगर दरवाजा कहीं और हुआ, तो समझिए आपकी ऊर्जा जरा उलझन में है, जैसे मच्छर घुसने की कोशिश कर रहे हों! दरवाजा इतना बड़ा होना चाहिए कि ऊर्जा आराम से आ सके, न कि मच्छर घुसाने जैसा तंग। दरवाजे के आसपास भारी फर्नीचर या सामान न रखें, नहीं तो ऊर्जा को रास्ता मिलना मुश्किल हो जाएगा। और हाँ, दरवाजे पर ‘स्वागत’ का बोर्ड लगाना न भूलें, ताकि ऊर्जा खुश होकर अंदर आये, न कि चुपके से निकल जाए। रंगों की बात करें तो सफेद, क्रीम या हल्का नीला रंग चुनें, ये रंग ऊर्जा को भी खुश कर देते हैं। ध्यान रखें कि दरवाजे के सामने न तो सीढ़ियां हों और न ही कोई सीधी सड़क, वरना आपकी ऊर्जा भागने लगती है जैसे बच्चे स्कूल से छुट्टी पाते हैं। जूतों का ठिकाना मुख्य द्वार से अलग और साफ़-सुथरा हो, क्योंकि जूते और गंदगी दोनों एक साथ अंदर घुसेंगे तो समझिए घर की ऊर्जा पर ब्रेक लग गया। दरवाजे पर दरार या खराबी हो तो समझिए जैसे ऊर्जा के लिए दरवाजा खुला छोड़ दिया हो, जो कि बिलकुल अच्छा नहीं। भारी फर्नीचर से दरवाजे को मत दबाइए, वरना ऊर्जा परेशान होकर कहीं और चली जाएगी। आखिर में याद रखें, यह मुख्य द्वार आपके घर की ऊर्जा का राजा है, इसे हल्के में लेना मतलब राजा को राजा नहीं मानना! इसलिए सही दिशा, सही आकार और सही सजावट के साथ इसे इतना आकर्षक बनाएं कि ऊर्जा खुद दौड़ती हुई अंदर आए।

<

<

<

<

<

<

<

<

<

<

<

<

<

<

<

<

<

<

<

<

वास्तु सुझाव विवरण
दिशा मुख्य द्वार उत्तर, पूर्व या पूर्वोत्तर में होना चाहिए, न हो तो ऊर्जा भाग सकती है, सही उड़ना आवश्यक है!
दरवाजे का आकार इतना बड़ा कि ऊर्जा आराम से घुस सके, मच्छर घुसाने के जैसा बिलकुल न हो।
दरवाजे के आसपास कोई भारी वस्तु न रखें, ऊर्जा के सारे रास्ते खुलें, जैसे ट्रैफिक जाम नहीं।
डिजाइन स्वागत बोर्ड जैसा सुंदर डिजाइन हो, ताकि ऊर्जा इतना खुश होकर आए कि खुद कहे “कहाँ से आ गया ये?”
रंग हल्के और सुखद रंगों जैसे सफेद, क्रीम या हल्का नीला – दरवाजे की रंग-रोगन ताकि ऊर्जा को खुशी मिले।
मुख्य द्वार के सामने सीढ़ियां या सीधी सड़क बिल्कुल न हो – वरना ऊर्जा भाग जाती है हमसे!
जूते रखने की जगह दरवाजे के पास जूते अलग और साफ जगह में रखें, नहीं तो ऊर्जा और गंदगी पार्टी कर रहेंगी।
दरवाजे की स्थिति कभी भी दरार या खराबी न हो – ऊर्जा भी ऐसे ही फरार हो जाती है।
फर्नीचर दरवाजे पर भारी फर्नीचर न लगाएं – ऊर्जा का मॉलिश हो जाता है, सरासर अपराध।
महत्व मुख्य द्वार का आकार और दिशा घर की ऊर्जा का सुपरहिट रोलरकोस्टर है, इसे हल्के में न लें!

2. प्रवेश द्वार के सामने कोई बाधा न रखें, ऊर्जा का रास्ता साफ़ रखें

दरवाजे के सामने भारी फर्नीचर रखना ऐसा है जैसे ऊर्जा को रेल गाड़ी की पटरी पर पत्थर रख देना! सोफा हो या अलमारी, दोनों ही दरवाजे के सामने खड़े होकर ऊर्जा को ठिठका देते हैं। समझिए, दरवाजा तो घर की जान है, इसे खुले रास्ते की जरूरत होती है, न कि जाम में फंसे ट्रैफिक की तरह! दरवाजे के सामने दीवार या कोई भी बाधा न होनी चाहिए, वरना ऊर्जा अपनी चुप्पी तोड़कर आपको किचन की सफाई करने का आदेश दे सकती है। जूते, बैग या कूड़े का ढेर तो जैसे ऊर्जा के लिए ट्रैप है, ये सब वहां नहीं रखे जाने चाहिए। सोचिए, अगर आप रेड कार्पेट बिछा दें ऊर्जा के लिए, तो वह खुशी-खुशी घर में कदम रखेगी। साथ ही, अगर मुख्य द्वार के सामने गलियारा संकरा हो, तो उसे खुला और रोशन रखना जरूरी है, वरना ऊर्जा को ऐसा लगेगा कि वह भूलभुलैया में फंसी है। भारी पेंटिंग या दर्पण दरवाजे के सामने लगाने से बचें, वरना ऊर्जा उलझन में पड़कर कहेगी, “अरे भाई, ये क्या हो रहा है?” बिजली के तार या पाइपलाइन भी दरवाजे के सामने न हो, नहीं तो ऊर्जा को लगेगा कि यहां कोई सर्किट ब्रेक हो गया है। टूटी-फूटी चीज़ें या नकारात्मक प्रतीक दरवाजे के सामने रखना तो बिलकुल भी अच्छा नहीं, ये ऊर्जा को परेशान कर देते हैं। अगर फूलदान या पौधे रखना हो तो ताजा और हरे-भरे पौधे ही रखें, ताकि ऊर्जा को लगे कि वह स्पा में आ गई है। तो ध्यान रखें, अपना प्रवेश द्वार ऐसा रखें कि ऊर्जा हो जाए एंट्री वाले गेट पर रेड कार्पेट की तरह स्वागत के लिए तैयार!

  • दरवाजे के सामने कोई भारी फर्नीचर न रखें, जैसे सोफा या अलमारी, वरना ऊर्जा ठिठक कर रह जाती है।
  • दरवाजे के सामने दीवार या कोई बाधा न हो, इससे ऊर्जा घर में सही से प्रवेश कर सके।
  • दरवाजे के सामने फुटकर सामान जैसे जूते, बैग या कूड़ा न रखें, इससे ऊर्जा परेशान हो जाती है।
  • मुख्य द्वार के सामने खुला और साफ रास्ता रखें, जैसे ऊर्जा के लिए रेड कार्पेट बिछा हो।
  • बाहर से आने वाली ऊर्जा को कोई रोक न पाए, इसलिए प्रवेश द्वार के सामने साफ-सुथरी जगह हो।
  • अगर द्वार के सामने गलियारा या रास्ता संकरा है तो उसे खुला और रोशन रखें।
  • दरवाजे के सामने कोई भारी पेंटिंग या दर्पण न लगाएं, इससे ऊर्जा उलझ सकती है।
  • बिजली के तार या पाइपलाइन मुख्य द्वार के सामने न हों, ये ऊर्जा को भ्रमित कर देते हैं।
  • दरवाजे के सामने कोई भी नकारात्मक प्रतीक या वस्तु न रखें, जैसे टूटी हुई चीज़ें।
  • प्रवेश द्वार के सामने यदि फूलदान या पौधे रखें तो वे ताजे और हरे-भरे हों, ऊर्जा को फ्रेश रखने के लिए।

3. बैठने की दिशा ऐसी रखें कि मन हो शांत और ऊर्जा बनी रहे

जब भी लिविंग रूम में बैठें, तो उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठना चाहिए। ऐसा करने से आपकी बुद्धि तेज होती है और मन शांत रहता है। भले ही आपको कभी-कभी ऐसा लगे कि आप सूरज को घूर रहे हैं, लेकिन वास्तु कहता है कि इससे ऊर्जा का लाभ मिलता है। याद रखें, दक्षिण या पश्चिम दिशा में पीठ रखकर बैठना भी अच्छा होता है, यह ऊर्जा का सहारा माना जाता है। लेकिन, कभी भी अपनी पीठ दरवाजे या खिड़की के सामने न रखें, वरना मन बेचैन हो जाएगा और आप सोचेंगे कि कहीं कोई पीछे से आपको घूर तो नहीं रहा! फर्नीचर आरामदायक और स्थिर होना चाहिए, ताकि ऊर्जा का सर्किट न टूटे। इसे दीवार के करीब रखें, बीच में फर्नीचर रखोगे तो ऊर्जा भी घूम-घूम कर थक जाएगी। भारी वस्तुएं बैठने के पास न रखें, वरना मानसिक दबाव बढ़ जाएगा और आप खुद को जिम में वेट लिफ्टिंग करते महसूस कर सकते हैं। यदि सोफा या कुर्सी खिड़की के सामने है, तो खिड़की हमेशा साफ और खुली होनी चाहिए, ताकि ताजी हवा आए और आप सांस लेने में खुद को जंगल में महसूस करें। अंधेरे कोनों से बचें, क्योंकि वहां ऊर्जा ठहर जाती है और आपके मूड को ‘बैड डे’ बना सकती है। बैठने की जगह पर सुखद रंग और सजावट रखें, जिससे मन प्रसन्न और घर में माहौल खुशहाल बना रहे। और हां, हमेशा ताजी हवा और प्राकृतिक रोशनी का प्रवाह बनाए रखें, क्योंकि अगर कमरे में हवा ठहरी रहे तो आपको लगेगा जैसे आप ऑफिस की मीटिंग में फंसे हों!

4. लिविंग रूम को हमेशा साफ-सुथरा और व्यवस्थित बनाए रखें

clean and organized living room interior

अगर आप अपने लिविंग रूम में कभी भी झाड़ू-पोंछा करना भूलते हैं, तो समझ जाइए कि आपकी ऊर्जा भी कहीं ठंडे ठिकाने पर जा रही है! रोजाना सफाई करना जरूरी है, क्योंकि गंदगी और अव्यवस्था से न केवल नकारात्मक ऊर्जा आती है, बल्कि मेहमान भी सोचते हैं कि आप कब आख़िरी बार सफाई कराए थे। कचरा या फालतू सामान को लिविंग रूम में रखना बिल्कुल मना है, क्योंकि इससे ऊर्जा उलझ जाती है और घर का माहौल भारी हो जाता है। फर्नीचर की धूल ऐसी साफ रखें जैसे वो स्पा में हो, ताकि ऊर्जा भी तरोताजा महसूस करे। बिजली के तार और उपकरण ऐसे व्यवस्थित रखें कि वे उलझें नहीं, वरना ऊर्जा के साथ आपका मूड भी उलझ जाएगा। दीवारों पर लगे दाग-धब्बे तुरंत मिटाएं, क्योंकि उन्हें देखकर ऊर्जा सोचती है कि “यहां तो पार्टी नहीं हो सकती”। खिड़कियां और दरवाजे हमेशा साफ और ठीक-ठाक होने चाहिए, ताकि ताजी हवा और सकारात्मक ऊर्जा आसानी से अंदर आ सके। पंखे और लाइट्स भी चमकदार और साफ रखें, ताकि ऊर्जा का प्रवाह बिना रुकावट के चलता रहे। और हां, अगर कपड़े या कंबल लिविंग रूम में हैं, तो उन्हें ताजा और महकदार रखें, क्योंकि बदबूदार कपड़े ऊर्जा को भी बोर कर देते हैं! याद रखें, सफाई और व्यवस्था से ही ऊर्जा का चक्र चलता रहता है, इसे कभी नजरअंदाज न करें। आखिरकार, एक चमचमाता लिविंग रूम ही तो है जहां आपकी खुशी और सकारात्मकता ठहरती है!

5. प्राकृतिक रोशनी से भरपूर लिविंग रूम बनाएं

अगर आप चाहते हैं कि आपका लिविंग रूम ऐसा चमके जैसे सुबह की पहली किरणें खुद आकर कह रही हों ‘हैलो, हम आ गए!’ तो खिड़कियां पूर्व या उत्तर दिशा में जरूर बनाएं। वहां से सुबह की धूप और ताजी हवा आती है, जो घर की ऊर्जा को ऐसे ताज़ा करती है जैसे चाय में इलायची! खिड़कियों को हमेशा साफ-सुथरा रखें, क्योंकि जैसे हम अपने चेहरे को धोते हैं ताकि चमक आए, वैसे ही खिड़कियों को भी साफ रखना जरूरी है ताकि ऊर्जा का रास्ता खुला रहे।

यदि हो सके तो लिविंग रूम में बड़े और चौड़े खिड़कियां लगवाएं, ताकि रोशनी अंदर आकर दीवारों पर हल्का उजाला छोड़ सके, जिससे रंग और भी निखर जाएं। भारी और अंधेरे पर्दों से बचें, हल्के सूती पर्दे लगाएं जो सूरज की रोशनी को रोकें नहीं बल्कि नर्म तरीके से छान लें। रात की बात करें तो हल्की और सुकून देने वाली लाइटिंग रखें, ताकि लिविंग रूम में बैठना ऐसा लगे जैसे चाँदनी रात में बैठे हों।

खिड़की के पास कुछ हरे-भरे पौधे रखें जो रोशनी पसंद करते हैं, ये ऊर्जा की खुशी में चार चाँद लगाते हैं। लेकिन फर्नीचर को ऐसे जगह न रखें जहाँ वह ज्यादा धूप में हो, नहीं तो आपका सोफा भी सनबाथिंग करने लगे! अगर आपके पास कम खिड़कियां हैं तो चिंता मत करें, दर्पण (मिरर) लगा कर रोशनी को फैलाएं, जैसे घर की आत्मा खुद को बड़ा और चमकदार दिखाना चाहती हो। आखिरकार, प्राकृतिक रोशनी से घर में ऊर्जा ताजा और उत्साहित रहती है, इसे हल्के में न लें, वरना आपकी लिविंग रूम की पार्टी भी फीकी पड़ सकती है!

6. फर्नीचर का चयन और सही दिशा में स्थान निर्धारण करें

अगर आप चाहते हैं कि आपका लिविंग रूम वास्तु के मुताबिक ऊर्जा से भरा रहे, तो फर्नीचर को सही दिशा में रखना उतना ही जरूरी है जितना चाय में बिस्कुट! भारी फर्नीचर जैसे सोफा या अलमारी को हमेशा दक्षिण या पश्चिम दिशा में रखें, क्योंकि ये दिशाएं ऊर्जा को स्थिर करती हैं, वरना फर्नीचर बीच में रखकर आप खुद ऊर्जा के रास्ते में अड़चन डाल रहे हैं। सोचिए, अगर आपके सोफे का कोई सहारा ही न हो, तो बैठकर मन भी बेचैन होगा; इसलिए सोफा या कुर्सी दीवार के पास रखें, बीच में नहीं। रंगों की बात करें, तो गहरे रंगों से बचें, हल्के और सुखद रंग जैसे क्रीम, सफेद या पेस्टल टोन अपनाएं, ताकि लिविंग रूम में शांति और सुकून बना रहे। और हाँ, फर्नीचर के नीचे साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें, क्योंकि गंदगी जमा हो तो ऊर्जा भी कुंठित हो जाती है। बैठते वक्त फर्नीचर ऐसी जगह हो जहाँ से दरवाजा दिखे, इससे आपको सुरक्षा और आत्मविश्वास का अहसास होगा। भारी कवर या मोटे चादरों से फर्नीचर को घेरने का मोह छोड़ दें, वरना ऊर्जा को सांस लेने का मौका ही नहीं मिलेगा। फर्नीचर की गुणवत्ता अच्छी होनी चाहिए, टूट-फूट वाले टेबल या कुर्सी से वास्तु नहीं बल्कि आपकी तसल्ली उड़ जाएगी। और अगर किनारों पर तेज नुकीले हिस्से हैं, तो उन्हें तुरंत ठीक करवा लें, क्योंकि ये नकारात्मक ऊर्जा को बुलावा देते हैं। आखिर में, फर्नीचर की नियमित व्यवस्था करें, जैसे ऊर्जा को भी नई जगह मिल रही हो, ताकि लिविंग रूम में हमेशा ताजगी बनी रहे।

7. दीवारों पर हल्के और सुखद रंगों का इस्तेमाल करें

लिविंग रूम की दीवारें ऐसे रंगों से सजाएं जो मन को शांति और सुकून दें, जैसे सफेद, क्रीम, पेस्टल ब्लू या पिंक। ये रंग इतने हल्के और प्यारे होते हैं कि आपकी दीवारें खुद ही कहने लगेंगी, “शांत रहो यार, हम यहां हैं!” तेज या गहरे रंग जैसे लाल या काला जितना कम होगा, उतना ही बेहतर क्योंकि ये रंग तो बस बेचैनी बढ़ाने का काम करते हैं, जैसे बिना चाय के सुबह। दीवारों पर मोटिफ या पेंटिंग भी हल्के और सकारात्मक विषयों के रखें, जैसे फूल, प्रकृति या प्रेरणादायक शब्द, ताकि ऊर्जा बनी रहे और मन प्रसन्न हो। ध्यान रखें, दीवारों को साफ रखना भी जरूरी है, दाग-धब्बों को देखकर तो ऊर्जा भी सोचती होगी, “भाई, यहां क्या चल रहा है?” इसलिए समय-समय पर पेंटिंग का नवीनीकरण करें, पुराने रंग ऊर्जा को कमजोर कर देते हैं, जैसे पुराना आलू पकाने पर स्वाद कम हो जाता है। नकारात्मक या अपशिष्ट पोस्टर लगाना बिलकुल मत सोचिए, ये तो वास्तु के नियमों की नाक में दम कर देता है। साथ ही, दीवारों पर हल्का कॉन्ट्रास्ट भी रखें, ताकि लिविंग रूम उबाऊ न लगे, जैसे हल्की चटपटी चटनी खाने से मज़ा आता है वैसे। दर्पण और सजावट को सही दिशा में लगाएं ताकि ऊर्जा का संतुलन बना रहे, वरना मिरर देखकर मन उलझन में पड़ सकता है। और हां, पेंटिंग से पहले कमरे में हवा और प्रकाश का ध्यान रखें, ताकि रंग सही तरीके से चमकें और आपकी दीवारें भी कहें, “हम तो बस तुम्हारे घर की शान हैं!”

8. खिड़कियां पूर्व या उत्तर दिशा में रखें और साफ़ रखें

खिड़कियां लिविंग रूम का वो जादुई द्वार हैं जिससे ताजी हवा और रोशनी अंदर आती है, इसलिए इन्हें पूर्व या उत्तर दिशा में रखना वास्तु के हिसाब से सबसे सही माना जाता है। सोचिए, अगर आपकी खिड़कियां धूल से भरी हों और बाहर गंदगी छाई हो, तो ऊर्जा भी सोच रही होगी, ‘भाई, यहाँ क्या आकर घुसूं!’ इसलिए खिड़कियों के शीशे नियमित साफ़ करें ताकि धूल और धुआं जमा न हो, वरना ऊर्जा भी आपके लिविंग रूम में घुसते ही पीछे हट सकती है। भारी और मोटे पर्दों को भूल जाइए, हल्के और फुलकारी वाले पर्दे ही खिड़कियों की खूबसूरती और ऊर्जा दोनों को बनाए रखते हैं। खिड़कियां खुलते और बंद होते समय बिलकुल चिकनी हों, जैसे कोई अच्छी बातचीत बिना रुकावट के चलती है, वैसे ही ऊर्जा भी आसानी से अंदर- बाहर चले। खिड़कियों के पास कांटेदार पौधे लगाने का आइडिया बिल्कुल मत सोचिए, ये ऊर्जा के रास्ते में कांटे की तरह काम करते हैं। अगर सुरक्षा जाली हो तो वह हल्की और साफ-सुथरी होनी चाहिए, वरना जाली भी ऊर्जा की पार्टी में गड़बड़ कर सकती है। साथ ही, खिड़कियों की संख्या और आकार भी जरूरी है: ज्यादा छोटी खिड़कियां ऊर्जा को बाहर निकलने और अंदर आने से रोकती हैं, मतलब जैसे कोई गाना बिना बीट के! इसलिए अपनी खिड़कियां खुली रखें, खासकर सुबह-सुबह, ताकि सूरज की पहली किरण और ताजी हवा आपके लिविंग रूम को जीवन से भर दें। और हाँ, खिड़कियों के आसपास रंग हल्का और खुशमिजाज रखें, ताकि ऊर्जा भी कहे, ‘वाह! यहाँ तो आकर मज़ा आ गया’।

9. घर के अंदर हरे-भरे पौधे लगाएं, लेकिन कांटेदार पौधे न रखें

लिविंग रूम में हरे-भरे पौधे लगाना ऐसा है जैसे घर की ऊर्जा को एक्स्ट्रा ऑक्सीजन देना! ये पौधे न सिर्फ वातावरण को ताजा बनाते हैं, बल्कि आपके मूड को भी फ्रेश कर देते हैं। लेकिन ध्यान रखें, कांटेदार पौधे जैसे कैक्टस या गुलाबी कांटे वाले पौधे लिविंग रूम में रखना ठीक नहीं, क्योंकि ये नकारात्मक ऊर्जा को बुलावा देते हैं और मेहमानों को थोड़ा सा डराने का काम भी कर सकते हैं। पौधों को नियमित पानी और प्यार दें, अगर वे मुरझाएंगे तो समझो आपकी ऊर्जा भी मुरझा रही है। पौधे न तो बहुत बड़े होने चाहिए जिससे कमरे में जगह कम हो जाए, न ही इतने छोटे कि उनकी मौजूदगी दिखने में फीकी पड़े। उनकी जगह ऐसी चुनें जहां अच्छी रोशनी और हवा दोनों मिलें, वरना पौधा सास लेता रहेगा लेकिन खुश नहीं होगा। पौधों के बर्तन हल्के रंगों जैसे सफेद, क्रीम या हरे में रखें, ताकि देख के भी आंखों को सुकून मिले। आसपास की सफाई का भी ध्यान रखें, क्योंकि गंदगी इकट्ठा होने से ऊर्जा भी गंदगी में फंस जाती है। पौधों के बीच थोड़ी जगह छोड़ें ताकि ऊर्जा का बहाव बना रहे, जैसे दोस्तों के बीच गपशप के लिए थोड़ी जगह जरूरी होती है वैसे ही। अगर थोड़ा स्टाइल चाहिए तो छोटे फव्वारे या मिनी वाटर फीचर लगाएं, पानी की आवाज से ऊर्जा और भी ताजा हो जाती है। तो अगली बार जब लिविंग रूम सजाएं, तो याद रखें, हरे-भरे पौधे लगाएं, लेकिन कांटेदार पौधे छोड़ दें, ताकि घर की हवा में सिर्फ प्यार और पॉजिटिविटी ही घुले!

10. टीवी और इलेक्ट्रॉनिक सामान को दक्षिण या पश्चिम दिशा में रखें

अगर आपके लिविंग रूम में टीवी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ऐसे जगह पर हों जहां से ऊर्जा का रास्ता रुक जाए, तो समझिए आपकी खुशी भी रुकने वाली है! वास्तु के अनुसार, टीवी, डीवीडी प्लेयर और बाकी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स को दक्षिण या पश्चिम दिशा में रखना चाहिए। इससे न केवल ऊर्जा का संतुलन बना रहता है, बल्कि आपके टीवी के पीछे दीवार भी मजबूत और स्थिर होनी चाहिए, ताकि सकारात्मक ऊर्जा जमकर ठहरे, जैसे आपकी चाय में दालचीनी का छौंक। ध्यान रखें कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लिविंग रूम के बीच में न रखें, वरना ऊर्जा के रास्ते में जैसे कोई ट्रैफिक जाम हो जाए। केबल और तारों को भी अच्छे से छुपाएं और व्यवस्थित रखें, वरना ये बिजली के तार नहीं, ऊर्जा के जाल बनकर घर में उलझन पैदा कर देंगे। टीवी के सामने भारी फर्नीचर या चीजें न रखें, वरना ऊर्जा अटक कर ‘मैं तो यहीं हूं’ कहती रहेगी। और हां, इलेक्ट्रॉनिक सामान को बिना उपयोग के बंद कर देना जरूरी है, नहीं तो बिजली बिल देखकर आपकी ऊर्जा कहीं और चली जाएगी। साथ ही, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को धूल से साफ रखें, क्योंकि धूल जमा हो तो लगता है जैसे आपकी पॉजिटिव एनर्जी पर धुआं छा गया हो। अगर टीवी के पास कुछ हरे-भरे पौधे भी रख लें, तो समझिए कि ऊर्जा का संतुलन फूल-फूल कर खिल उठेगा। बस, इतना ध्यान रखें कि अत्यधिक इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स एक साथ न जमा कर लें, नहीं तो घर में बिजली का मीटर ही फ्यूूल हो जाएगा! तो, टीवी और बाकी इलेक्ट्रॉनिक्स को सही दिशा और सही तरीके से रखें, वरना वास्तु नहीं, आपका मनोरंजन भी ‘फ्रीज’ हो जाएगा।

11. प्रेरणादायक और सकारात्मक चित्रों से लिविंग रूम सजाएं

लिविंग रूम में ऐसी तस्वीरें लगाएँ जो देख कर मन खुश हो जाए और ऊर्जा से भर जाए। जैसे प्रकृति के सुंदर दृश्य, रंग-बिरखे फूल, या फिर खुशहाल परिवार के चित्र – ये सब आपके घर की सकारात्मकता को बढ़ाते हैं। ध्यान रहे, भयावह या उदास चेहरे वाले चित्र तो बिलकुल भी न लगाएं, वरना ऐसा लगेगा जैसे घर में दुख की मंडली आई हो! रंगों को हल्का और मनमोहक रखें, जैसे पीला, हरा या नीला, ताकि हर बार जब कोई आए, तो उसकी आँखें चमक उठें। चित्रों को ऐसी जगह लगाएं जहाँ हर आने-जाने वाला आसानी से देख सके, ताकि सकारात्मक ऊर्जा सब तक पहुंच सके। फ्रेम रंगीन और चमकीले हो सकते हैं, लेकिन भारी-भरकम फ्रेम से बचें, नहीं तो लगेगा जैसे चित्र ही घर का वजन बढ़ा रहे हों। और हाँ, चित्रों की सफाई का ध्यान रखें, धूल जमा हो गई तो ऊर्जा भी सुस्त पड़ जाती है। वास्तु के अनुसार चित्रों को उत्तर या पूर्व दिशा की दीवार पर लगाना शुभ माना जाता है, तो उस पर भी ध्यान दें। अगर आप जीवन में गति और ऊर्जा चाहते हैं तो पक्षी या घोड़े जैसे पशु चित्र लगाएं, ये आपके लिविंग रूम को एनर्जी से भर देंगे। साथ ही, चित्रों के नीचे छोटा पौधा या दीपक रखकर उनकी शोभा बढ़ा सकते हैं। और जब लगे कि ऊर्जा थोड़ा फिका पड़ गई है, तो चित्रों को बदलते रहें, ताकि घर में नयी ताजगी बनी रहे। याद रखें, लिविंग रूम में चित्रों का सही चयन और सजावट आपकी खुशी और सौभाग्य का राज़ हो सकता है!

12. रोजाना झाड़ू-पोंछा कर लिविंग रूम की सफाई पर ध्यान दें

अगर आप सोच रहे हैं कि झाड़ू-पोंछा करना सिर्फ बुजुर्गों का काम है, तो रुकिए! लिविंग रूम की रोजाना सफाई वास्तु के हिसाब से बिल्कुल जरूरी है। धूल-मिट्टी जब जमा होती है तो नकारात्मक ऊर्जा भी पॉपकॉर्न की तरह फूटने लगती है, और घर का माहौल एकदम भारी-भारी हो जाता है। साफ-सुथरे फर्नीचर और चमकदार फर्श से न सिर्फ घर की ऊर्जा ताजा रहती है, बल्कि आपका मन भी खिल उठता है। वैसे भी, जब कमरे में धूल जम जाती है तो बैठना भी मुश्किल हो जाता है, और मेहमान आकर पूछते हैं, “अरे, ये तो कब से साफ नहीं हुआ?” तो क्यों न रोजाना झाड़ू-पोंछा करके घर को फ्रेश रखा जाए?

सफाई के लिए रासायनिक क्लीनर से परहेज करें, क्योंकि वे ऊर्जा को बर्बाद कर सकते हैं। इसके बजाय प्राकृतिक और हर्बल उत्पादों का इस्तेमाल करें, जैसे नींबू का रस, सिरका या नीम का पानी। खिड़कियों और दरवाजों की सफाई भी उतनी ही जरूरी है, ताकि ताजी हवा अंदर आ सके और घर में नकारात्मकता न फुदक सके। साथ ही, साफ कंबल, कुशन और पर्दे भी ऊर्जा को पॉजिटिव बनाए रखने में मदद करते हैं।

और हां, कूड़ा-कचरा लिविंग रूम में जमा न होने दें, वरना वह भी नकारात्मक ऊर्जा का तड़का लगाता है। कपड़े या सामान बिखेर कर न रखें, इससे अव्यवस्था बढ़ती है और ऊर्जा की राह बंद हो जाती है। सफाई करते समय खुशबूदार अगरबत्ती या धूप जलाना न भूलें, इससे वातावरण महकता है और मन भी खुश रहता है। तो अब झाड़ू-पोंछा को एक बोझ समझकर न देखें, इसे एक मजेदार रोजाना का रिवाज बना लें, जो आपके लिविंग रूम की ऊर्जा को सुपरचार्ज कर देगा!

13. अच्छी और पर्याप्त लाइटिंग से अंधेरे कोनों को दूर करें

लिविंग रूम में अंधेरे कोने ऐसे हैं जो न सिर्फ भूतिया कहानियों को जन्म देते हैं, बल्कि वास्तु के मुताबिक भी नकारात्मक ऊर्जा को बुलावा देते हैं। इसलिए, रोशनी का जादू चलाएं! खिड़कियां साफ-सुथरी रखें और उन्हें खुला रखें ताकि प्राकृतिक रोशनी अपने पूरे जलवे दिखा सके। रात में, तेज़ या फीकी लाइट से बचें, वरना आपकी लिविंग रूम की मूड सेटिंग या तो फ़िल्मी डरावनी हो जाएगी या फिर नींद आने लगेगी। LED लाइटिंग का इस्तेमाल करें, ये न सिर्फ बिजली बचाती है, बल्कि चमकदार भी होती है। अंधेरे कोनों में टेबल लैंप या स्टैंड लैंप रखें ताकि वो कोने भी ऊर्जा से जगमगाए। लाइटिंग की दिशा इस तरह सेट करें कि पूरे कमरे में समान रोशनी फैले, मतलब कोई भी कोना ऐसा न रहे जो छुपा हुआ महसूस हो। रंगीन बल्बों से दूर रहें, सफेद या हल्का पीला रंग सबसे बढ़िया होता है, जैसे कि नर्म आलू भुजिया की रौशनी! लाइट स्विच भी ऐसी जगह रखें जहां हाथ आसानी से पहुंच जाए, ताकि जरूरत पड़ते ही एक झटके में रोशनी चालू हो जाए। अगर आपका दिल थोड़ा ग्लैमर चाहता है तो झूमर या सस्पेंडेड लाइट लगाएं, इससे लिविंग रूम में शाही तड़का लग जाएगा। सनराइज या सनसेट कलर टोन के बल्ब रखकर माहौल को और भी खास बनाएँ, जैसे सुबह का पहला सूरज या शाम की सुनहरी धूप। और हाँ, मिरर के सामने लाइटिंग लगाएं ताकि रोशनी दोगुनी हो जाए और कमरे की चमक बढ़े, वरना मिरर भी उदास बैठा रहेगा!

14. मिरर को मुख्य द्वार के सामने न लगाएं, नकारात्मक ऊर्जा से बचें

अगर आप सोच रहे हैं कि मिरर को मुख्य दरवाजे के सामने लगाना ठीक रहेगा तो रुकिए! वास्तु कहता है कि ऐसा करने से आपकी सारी सकारात्मक ऊर्जा वापस बाहर चली जाती है, जैसे कोई आपकी मेहनत का सारा फल चुरा ले! मिरर लगाने से पहले उसकी दिशा जरूर जांच लें। मिरर को उत्तर या पूर्व की दीवार पर लगाना सबसे शुभ माना जाता है, क्योंकि यहाँ से ऊर्जा का प्रवाह अच्छा रहता है। और हाँ, मिरर बड़ा हो तो उसकी ऊर्जा भी ज्यादा फैलती है, तो इसे सोच-समझकर लगाएं, वरना मिरर नहीं, ऊर्जा ही उड़ जाएगी। टूटा-फूटा या क्रैक वाला मिरर तो सीधे-सीधे नकारात्मकता का घर होता है, उसे देख कर तो जैसे घर के दिमाग पर तनाव का बादल छा जाए। मिरर के सामने बैठना या सोना भी टाला जाए, वरना दिमाग पर अनचाहा दबाव बन सकता है। मिरर के पीछे हमेशा साफ-सफाई रखें, कोई अव्यवस्था या गंदगी नहीं होनी चाहिए, वरना आपकी ऊर्जा भी गंदगी की तरह गड़बड़ हो जाएगी। किचन या बाथरूम के सामने मिरर लगाना भी वास्तु के अनुसार वर्जित है, क्योंकि वहां की गंदगी और नमी ऊर्जा को बिगाड़ सकती है। मिरर के फ्रेम हल्के रंग और सरल डिज़ाइन के होने चाहिए, भारी फ्रेम लगाने से ऊर्जा मार्ग में बाधा आ सकती है। अगर आपको लगता है कि मिरर थोड़ा उबाऊ लग रहा है तो उसे पौधों या अच्छी लाइटिंग से सजाएं, इससे नकारात्मक प्रभाव कम होने के साथ-साथ मिरर भी चमक उठेगा। तो अगली बार जब मिरर लगाने का मन बनाएं, तो वास्तु के ये मजेदार और जरूरी नियम अपने ध्यान में रखें, नहीं तो मिरर के साथ-साथ आपकी खुशियाँ भी टूट सकती हैं!

15. रोज सुबह धूप दें और अगरबत्ती जलाएं, वातावरण को शुद्ध रखें

सुबह-सुबह सूरज की पहली किरण जब लिविंग रूम में आती है, तो समझो कि घर की सारी सुस्ती और आलस को धूल चटाने आ गई है! ये धूप न केवल ऊर्जा को जाग्रत करती है, बल्कि घर के अंदर छुपे सूक्ष्म जीवाणुओं पर भी ऐसा हमला करती है कि वे भागने को मजबूर हो जाते हैं। बस ध्यान रखें, धूप देने के बाद खिड़की या दरवाजा खोलना न भूलें ताकि घर में ताजी हवा भी घूमे और नकारात्मक ऊर्जा को बाहर का रास्ता दिखाया जा सके।

अब आते हैं अगरबत्ती पर, जो वास्तु शास्त्र का सुपरहीरो है। मेथी, कपूर या चंदन की अगरबत्ती जलाएं, क्योंकि ये न केवल घर की नकारात्मक ऊर्जा को भगाती हैं, बल्कि मन को भी प्रसन्न और शांत रखती हैं। ध्यान रहे, अगरबत्ती की क्वालिटी ऐसी हो कि उसकी खुशबू मेहमानों को भी पसंद आए, न कि ऐसा लगे जैसे कोई पुरानी किताब जल रही हो! और हाँ, धूप और अगरबत्ती जलाते समय शांति से बैठें, कुछ ध्यान करें या बस गहरी सांस लें, इससे मन और वातावरण दोनों शुद्ध होते हैं।

धूप और अगरबत्ती का संगम आपके लिविंग रूम को एक ऐसा पवित्र स्थल बना देता है जहां ऊर्जा का भंडार भरपूर होता है और घर में खुशबू भी ऐसी फैलती है कि पड़ोसी भी पूछें, “क्या चल रहा है यहाँ?” तो दोस्तों, रोज सुबह की ये छोटी-छोटी आदतें आपके घर की वास्तु दोषों को दूर कर, सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर माहौल बनाती हैं। बस ध्यान रखें कि ये सब करने के लिए जगह साफ-सुथरी और सुरक्षित हो, वरना धूप में धूल और अगरबत्ती में राख के साथ कोई एक्स्ट्रा मेहमान भी घर आ सकता है!

DISQAS.com से कैसे करें विशेषज्ञों की वीडियो कॉल बुकिंग, ज्योतिष, आयुर्वेद या योग विशेषज्ञ से सलाह लें

आज के ज़माने में विशेषज्ञ से मिलने का मतलब अब घंटों की यात्रा और लंबी लाइनों में खड़े होने की जरूरत नहीं! DISQAS.com एक ऐसा डिजिटल मंच है जहाँ आप अपने सवालों के जवाब, चाहे वे वास्तु से जुड़े हों या स्वास्थ्य के, आसान और मजेदार तरीके से पा सकते हैं। बस वेबसाइट पर जाएं, अपनी पसंद के ज्योतिषी, आयुर्वेदाचार्य या योग गुरु की प्रोफाइल देखें, उनकी रेटिंग और अनुभव जांचें, फिर अपनी सुविधा के अनुसार दिन और समय चुनकर वीडियो कॉल बुक करें। सोचिए, आप अपने लिविंग रूम की वास्तु समस्या को लेकर बैठें और तुरंत विशेषज्ञ से सलाह लें, वो भी बिना पसीना बहाए! वीडियो कॉल से आपको न सिर्फ घर की आरामदायक कुर्सी पर बैठकर समाधान मिलेगा, बल्कि आपकी ऊर्जा और समय भी बचेगा। पेमेन्ट भी पूरी तरह से सुरक्षित है, और कॉल के बाद आप अपनी राय भी दे सकते हैं। तो अगली बार जब लिविंग रूम की सजावट या स्वास्थ्य संबंधी कोई उलझन हो, तो DISQAS.com से सीधे विशेषज्ञ से बात करें, क्योंकि अब सलाह लेना कभी भी, कहीं भी और बिना झंझट के हो सकता है!

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों

1. लिविंग रूम में सोफा किस दिशा में रखना चाहिए ताकि वास्तु का आशीर्वाद बना रहे?

सोफा हमेशा दीवार के साथ लगाकर रखें, लेकिन थोड़ा उत्तर या पूर्व दिशा की ओर टेढ़ा-मेढ़ा रखना भी अच्छा माना जाता है। इससे मेहमानों के बैठने का आनंद भी बढ़ता है और वास्तु भी खुश रहता है, वरना सोफा कहीं भी रखा तो लगेगा जैसे बैठा हूँ, पर वास्तु बोले- अरे टेंशन मत लो!

2. लिविंग रूम में रंग कौन-कौन से होने चाहिए जो भाग्य बनाएं और मूड भी मजेदार रखे?

वास्तु के हिसाब से हल्के पीले, हरे या क्रीम रंग बेहतर माने जाते हैं, क्योंकि ये रंग न सिर्फ हंसाते हैं बल्कि भाग्य को भी चटखारे लगाते हैं। लाल या बहुत गहरे रंग से बचें, नहीं तो लगेगा जैसे कोई शादी चल रही हो, न कि सुकून की जगह।

3. क्या लिविंग रूम में आईने का उपयोग सही होता है, या फिर वो वास्तु खराब कर देगा?

आईने तो अच्छे दोस्त की तरह हैं, पर उन्हें सही जगह पर रखना जरूरी है। आईना दरवाजे के सामने न लगाएं, वरना घर की खुशियां बाहर निकल जाएंगी और आपकी मम्मी की निगाहें जरूर टिक जाएगी! उत्तरी या पूर्वी दीवाल पर आईना लगाना बेस्ट होता है, जहां आपकी डेटें भी अच्छा महसूस करें।

4. टीवी और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स लिविंग रूम में कहाँ रखने चाहिए ताकि वास्तु नाराज़ न हो?

टीवी हमेशा दक्षिण या पश्चिम दिशा में लगाएं, जैसे कोई सीनियर अफसर बैठा हो। इससे पॉजिटिव एनर्जी बनी रहती है और आपकी मम्मी भी टीवी पर कम डांटेगी। इलेक्ट्रॉनिक्स की तारें खुली न छोड़ें, नहीं तो लगा रहेगा जैसे लिविंग रूम नहीं, जंग का मैदान हो।

5. लिविंग रूम में पौधे रखने से वास्तु को क्या फायदा होता है और कौन से पौधे सबसे बढ़िया?

पौधे जैसे तुलसी, मनी प्लांट या स्नीकर प्लांट (जो आपके मूड को भी सुकून दे) लिविंग रूम में रखने से सकारात्मक ऊर्जा चारों तरफ फैलती है। लेकिन ध्यान रखें कि पौधे खुश और हरे-भरे हों, नहीं तो लगेगा जैसे वास्तु ने भी छुट्टी ले ली हो!

TL;DR लिविंग रूम में वास्तु के १५ जोरदार टिप्स जो आपकी ऊर्जा को ऐसा बढ़ाएंगे जैसे नोटों की बारिश! मुख्य द्वार हमेशा साफ़-सुथरे उत्तर-पूर्व में होना चाहिए, अंदर का फर्नीचर ऐसे सेट करें कि जैसे राजा की बैठक हो, टीवी-बिजली वाले सामान को दक्षिण-पश्चिम में रखो ताकि पॉजिटिविटी का सर्किट कटा न हो। साफ-सफाई में तो इतना ध्यान दें कि झाड़ू-पोंछा रोज़ाना हो जैसे घर में कोई सेलिब्रिटी आ रहा हो। खिड़कियां खुली और साफ़ रखें, पौधे लगाएं मगर कांटेदार नहीं, वरना गेस्ट्स जल गए समझो! मिरर मुख्य द्वार के सामने लगाना मना है, नहीं तो घर की नकरात्मक ऊर्जा कूद पड़ेगी। धूप और अगरबत्ती से दिन की शुरुआत करो, घर होगा ह्यूमन पावर से भरपूर। साथ ही, DISQAS.com पर जाकर वीडियो कॉल से ज्योतिष, आयुर्वेद और योग जैसे एक्सपर्ट से बात कर अपनी लाइफ को सुपरचार्ज कर लो। बस, अपनी लिविंग रूम की सेटिंग्स में ये टिप्स फॉलो करो, फिर देखना घर में शांति और पॉजिटिविटी की बाढ़ आ जाएगी! मज़ा आ जाएगा, वास्तु वाला जादू चल जाएगा।